नई दिल्ली। हरियाणा के बल्लभगढ़ में भीड़ की हिंसा का शिकार हुए जुनैद मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस तरह कुल पांच आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। वहीं इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में लगी हुई है। सभी आरोपी मृतक के गांव के पास के ही होडल के रहने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक, पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी पलवल के होडल और खैरा गांव के रहने वाले हैं। इनमें 3 युवक और एक 50 साल का व्यक्ति शामिल है। अधेड़ व्यक्ति दिल्ली जल बोर्ड में काम करता है। आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल लिया है। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज में ये आरोपी दिखाई नहीं दे रहे हैं। सभी 4 आरोपी गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बीते गुरुवार की रात जुनैद हाफिज लोकल ट्रेन से दिल्ली से बल्लभगढ़ जा रहा था। रास्ते में ट्रेन में ही भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला। जुनैद, उसके भाई हाशिम, शाकिर और पड़ोसी दोस्त मोहसिन दिल्ली के सदर बाजार से ईद की खरीदारी कर घर लौट रहे थे। जब वो ट्रेन में चढ़े तो ट्रेन पूरी तरह खाली थी, तो उन्हें सीट भी मिल गई।
आगे चलकर ओखला में 20-25 लोग ट्रेन में चढ़े थे। चढ़ने में धक्का मुक्की हुई। उसी में जुनैद को धक्का लगा तो वो नीचे गिर गया। इस पर जुनैद ने कहा कि धक्के क्यों मार रहे हो। उसके सिर पर टोपी देख कर आरोपियों ने कहा कि तुम मुसलमान हो, देशद्रोही हो, तुम पाकिस्तानी हो, मांस-मीट खाते हो। भीड़ ने उसके सिर से टोपी हटा दी।
इसके बाद जुनैद के साथ मारपीट शुरू कर दी गई। तुगलकाबाद स्टेशन आने तक भीड़ उसे मारती रही। वहां से उन लोगों ने अपने भाई को फोन किया और मदद के लिए बुलाया। उनके बड़े भाई बल्लभगढ़ स्टेशन पहुंचे। लेकिन वहां पहुंचने पर उन लोगों ने उन्हें ट्रेन से उतरने नहीं दिया। उसे नीचे गिरा कर उसके ऊपर चढ़े गए।
बल्लभगढ़ से कुछ लोग ट्रेन से उतरे और यहां से आगे ट्रेन चालू हुई तो उन लोगों ने चाकू निकाल लिया और शाकिर को मारना शुरू किया। जुनैद ने बीच-बचाव किया तो उन लोगों ने जुनैद को भी मारा। इतना मारा कि वो नीचे गिर गया। इसके बाद असावटी स्टेशन पर उसे ट्रेन से बाहर फेंक दिया। इसके बाद इस मामले पर जमकर हंगामा हुआ है।
बीते गुरुवार की रात जुनैद हाफिज लोकल ट्रेन से दिल्ली से बल्लभगढ़ जा रहा था। रास्ते में ट्रेन में ही भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला। जुनैद, उसके भाई हाशिम, शाकिर और पड़ोसी दोस्त मोहसिन दिल्ली के सदर बाजार से ईद की खरीदारी कर घर लौट रहे थे। जब वो ट्रेन में चढ़े तो ट्रेन पूरी तरह खाली थी, तो उन्हें सीट भी मिल गई।
आगे चलकर ओखला में 20-25 लोग ट्रेन में चढ़े थे। चढ़ने में धक्का मुक्की हुई। उसी में जुनैद को धक्का लगा तो वो नीचे गिर गया। इस पर जुनैद ने कहा कि धक्के क्यों मार रहे हो। उसके सिर पर टोपी देख कर आरोपियों ने कहा कि तुम मुसलमान हो, देशद्रोही हो, तुम पाकिस्तानी हो, मांस-मीट खाते हो। भीड़ ने उसके सिर से टोपी हटा दी।
इसके बाद जुनैद के साथ मारपीट शुरू कर दी गई। तुगलकाबाद स्टेशन आने तक भीड़ उसे मारती रही। वहां से उन लोगों ने अपने भाई को फोन किया और मदद के लिए बुलाया। उनके बड़े भाई बल्लभगढ़ स्टेशन पहुंचे। लेकिन वहां पहुंचने पर उन लोगों ने उन्हें ट्रेन से उतरने नहीं दिया। उसे नीचे गिरा कर उसके ऊपर चढ़े गए।
बल्लभगढ़ से कुछ लोग ट्रेन से उतरे और यहां से आगे ट्रेन चालू हुई तो उन लोगों ने चाकू निकाल लिया और शाकिर को मारना शुरू किया। जुनैद ने बीच-बचाव किया तो उन लोगों ने जुनैद को भी मारा। इतना मारा कि वो नीचे गिर गया। इसके बाद असावटी स्टेशन पर उसे ट्रेन से बाहर फेंक दिया। इसके बाद इस मामले पर जमकर हंगामा हुआ है।
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