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Saturday, September 2, 2017

5वीं वर्षगांठ: 5 साल में 500000 बुजुर्गों ने किया तीर्थदर्शन

भोपाल, ब्यूरो। मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के सफल पांच साल पूरे होने पर पूरे प्रदेश में तीर्थ यात्रियों के सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। तीन सितंबर को योजना की 5वीं वर्षगांठ है। सभी संभागायुक्तों को उन तीर्थ यात्रियों के सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना का लाभ उठाकर एक बार तीर्थ दर्शन किए हैं। जिला स्तरीय सम्मेलन में तीर्थ यात्री अपनी यात्रा के अनुभव सुनाएंगे। वे यह भी बताएंगे कि तीर्थ करने के बाद उनके जीवन में क्या बदलाव आया है। इन सम्मेलनों में वे तीर्थ दर्शन यात्रा को और ज्यादा सुखद बनाने के लिये सुझाव भी देंगे। इन सुझावों से योजना को और ज्यादा प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। सभी जिलों के प्रभारी मंत्री, विधायक, अन्य जन प्रतिनिधि, स्थानीय गणमान्य नागरिक इन सम्मेलनों में उपस्थित रहेंगे।

पांच लाख बुजुर्गों ने की तीर्थ यात्राएं
इन पांच सालों में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पांच लाख तीन हजार लोगों ने विभिन्न तीर्थों की यात्राएं की हैं। इस लोकप्रिय योजना से प्रभावित होकर ग्यारह राज्यों की सरकारों ने भी इसे लागू किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल  में रवींद्र भवन प्रांगण में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की पांचवी वर्षगांठ पर राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

तीर्थ दर्शन योजना में अब तक 502 ट्रेनों का संचालन हुआ है। इस साल 51 ट्रेनों में करीब 51 हजार वरिष्ठ तीर्थ-यात्रियों ने इसका लाभ लिया। वर्ष 2017-18 में 125 ट्रेनों के संचालन करने का लक्ष्य है। इसमें सवा लाख बुजुर्गों को तीर्थ-दर्शन करवाया जाएगा। तीर्थ यात्रियों की संख्या के अनुसार ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

नए तीर्थ स्थल
तीर्थ दर्शन यात्रा में लोगों की अपेक्षाओं और अनुरोध पर नए तीर्थ स्थल जोड़े गए हैं। इनमें कामाख्या देवी, गंगा सागर, पटना साहब, गिरनार जी, मदुरै शामिल है। प्रदेश के तीर्थ स्थल उज्जैन, मैहर, श्री रामराजा मंदिर ओरछा, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर शामिल हैं। इसके अलावा रविदास धाम वाराणसी, रामदेवरा रूनिचा राजस्थान को भी जोड़ा गया है।


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