भोपाल, एजेंसी। नर्मदा नदी के संरक्षण की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए 2 जुलाई को मध्यप्रदेश में नर्मदा के दोनों तट के किनारों और नदी के जलग्रहण क्षेत्र वाले कुल 24 जिलों में 6 करोड़ पौधे लगाने का सदी का सबसे बड़ा महावृक्षारोपण कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अब तक सरकार द्वारा किए जाते रहे पौधरोपण कार्य को भी नर्मदा यात्रा की तर्ज पर जन-अभियान के रूप में ही संचालित करने का फैसला लिया है। इस फैसले के अनुरूप ही 2 जुलाई के महावृक्षारोपण की तैयारियां की गई। यह तैयारियां 2 जुलाई को वृक्षारोपण के विश्व रिकार्ड के रूप में तब्दील होगी, जब एक साथ एक दिन 6 करोड़ पौधे लगेंगे। मां नर्मदा इन पौधों के साल-दर साल वृक्ष बनने के साथ न केवल हरियाली चूनर से आच्छादित होगी बल्कि उसका अविरल प्रवाह भी भावी पीढ़ियों के लिये वरदान बनेगा।
नर्मदा बेसिन क्षेत्र
नर्मदा नदी की कुल लम्बाई 1312 किलोमीटर की है। मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी की कुल लम्बाई 1079 किलोमीटर है, जो कुल लम्बाई का 82.24 प्रतिशत है। इस सांख्यिकी से साफ जाहिर है कि नर्मदा के संरक्षण का महती कार्य मध्यप्रदेश में ही होना है और मध्यप्रदेश को ही करना है। नर्मदा नदी का बेसिन 98 हजार 796 वर्ग किलोमीटर में फैला है। इसमें भी मध्यप्रदेश का हिस्सा 86.19 प्रतिशत अर्थात कुल 85 हजार 149 वर्ग किलोमीटर का है।
मध्यप्रदेश नर्मदा बेसिन के 24 जिले में होगा वृक्षारोपण
नर्मदा बेसिन में मध्यप्रदेश के 24 जिले आते हैं। इनमें डिंडौरी, मंडला, जबलपुर, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, रायसेन, सीहोर, हरदा, देवास, खण्डवा, खरगोन, धार, बड़वानी,अलीराजपुर, अनूपपुर, बालाघाट, कटनी, दमोह, सागर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल, इंदौर और बुरहानपुर जिला शामिल है।
नर्मदा नदी के कैचमेंट एरिया के इन्हीं जिलों में 2 जुलाई, 2017 को एक दिवसीय वृक्षारोपण में 6 करोड़ पौधों का रोपण किया जाना है। वृक्षारोपण का यह महती कार्य वन क्षेत्रों में, स्कूल, कॉलेज, शासकीय कार्यालयों के प्रांगण, अन्य सामुदायिक भूमियों और निजी भूमियों पर किया जायेगा।
रोपी जाने वाली मुख्य प्रजातियां
वृक्षारोपण में सागौन लगभग 20 प्रतिशत, बॉस 15 प्रतिशत,औषधीय पौधे यथा आॅवला, अर्जुन, बेल, नीम हर्रा, बहेड़ा आदि 20 प्रतिशत, फलदार पौधे यथा जामुन, जाम, सीताफल, नींबू, आम, अनार, शहतूत आदि 5 प्रतिशत क्षेत्र में, अन्य लघु वनोपज प्रजातियाँ जैसे महुआ, इमली, अचार, कुल्लू, कुसुम आदि 5 प्रतिशत क्षेत्र में और साजा, सिरस, सुरजना, कटहल, पीपल, बरगद, कदम्ब आदि प्रजातियाँ 35 प्रतिशत क्षेत्र में रोपी जायेंगी।
जिलेवार वृक्षारोपण लक्ष्य
2 जुलाई, 2017 को नर्मदा कैचमेन्ट के 24 जिलों में 667 लाख 50 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है इनमें से अनुपपूर जिले में 10.50 लाख पौधे, डिण्डौरी में 33 लाख, मण्डला में 50 लाख, जबलपुर में 42 लाख, कटनी में 6 लाख, इन्दौर में 15 लाख, धार में 37 लाख, अलीराजपुर में 30 लाख, देवास में 45 लाख, सीहोर में 25 लाख, रायसेन में 35 लाख, होशंगाबाद में 55 लाख, हरदा में 46.50 लाख, बैतूल में 25 लाख, छिन्दवाड़ा में 16 लाख, सिवनी में 30 लाख, नरसिंहपुर में 50 लाख, खण्डवा में 35 लाख, बुरहानपुर में एक लाख, खरगोन में 48 लाख, बड़वानी में 25 लाख, दमोह में 2 लाख, सागर में 2 लाख और बालाघाट जिले में 3.50 लाख पौधे लगाये जायेंगे।
No comments:
Post a Comment