सरकारी सेवाओं में खत्म होगा #Cash लेन-देन, गांधी जयंती से होगी शुरुआत! - KRANTIKARI SAMVAD

Breaking

Post Top Ad

Friday, September 1, 2017

सरकारी सेवाओं में खत्म होगा #Cash लेन-देन, गांधी जयंती से होगी शुरुआत!

नई दिल्ली। रेलवे और सरकारी परिवहन निगम की बसों सहित सभी सेवाओं के लिए जल्द ही केवल डिजिटल तरीके से भुगतान किया जा सकेगा। केंद्र सरकार इस दिशा में सोच रही है। वह सभी सरकारी विभागों और एजेंसियों के लिए यह अनिवार्य करने के तरीके खंगाल रही है कि वे अपने फिजिकल टच पॉइंट्स पर डिजिटल पेमेंट्स ही लें। यह बात वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने बताई है।
एक अंग्रेजी अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘ BHIM और भारत क्यूआर कोड जैसे पेमेंट के सरकारी उपायों के साथ इन सरकारी एजेंसियों के ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के ज्यादा इंटीग्रेशन की योजना भी बनाई जा रही है। सरकार कैश के बजाय डिजिटल पेमेंट्स करने वाले लोगों को इंसेंटिव्स देने के बारे में भी सोच रही है।’

सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार गांधी जयंती पर एक बड़ा अभियान शुरू कर सकती है, जिसे गणतंत्र दिवस तक चलाया जाएगा। 2 अक्टूबर को सरकार इनमें से कुछ कदमों का ऐलान कर सकती है। अधिकारी ने बताया, 'देश में कुल ट्रांजैक्शंस का बहुत बड़ा हिस्सा सरकारी भुगतानों का होता है। अगर ये भुगतान डिजिटल तरीके से किए जाएं तो इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट्स की संख्या में बड़ा उछाल आएगा।'

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड IT मिनिस्ट्री को डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने का जिम्मा दिया गया है। पिछले हफ्ते मिनिस्ट्री की एक समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अधिकारियों को 2 अक्टूबर से कैंपेन शुरू करने का निर्देश दिया था। डिजिटल पेमेंट्स से जुड़ी इंटर-मिनिस्ट्रियल कमिटी प्रस्ताव के ब्योरे पर चर्चा कर रही है।

रेल बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'हमने अपने सभी टिकट और रिजर्वेशन काउंटरों को डिजिटल पेमेंट लेने लायक बनाने का निर्णय किया है। नई गाइडलाइंस के तहत भारत क्यूआर कोड देश में सभी 14 लाख काउंटरों पर दिखेगा। हम अपने टिकट काउंटरों पर आधे ट्रांजैक्शंस को डिजिटल मोड में लाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।' इंडियन रेलवेज हर साल 52,000 करोड़ रुपये के टिकट बेचता है और इसका 60% हिस्सा ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल के जरिए आता है।


रेलवे के टिकट सेंटर्स, पासपोर्ट ऑफिसों, बस और मेट्रो टिकट काउंटरों को भारत क्यूआर के जरिए पेमेंट्स लेने को कहा जा सकता है। बिजली और पानी के बिल पर एक प्रमुख विकल्प के रूप में भारत क्यूआर कोड छापा जा सकता है। सड़क मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्यों के सड़क परिवहन निगमों को डिजिटल पेमेंट्स लेने की सलाह दी जाएगी। उनसे भारत क्यूआर कोड डिस्प्ले करने का अनुरोध किया जाएगा।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages