मीडिया से बात करते हुए कमलनाथ ने कहा कि जिस तरह से नोटबंदी की गई थी उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि यह एक महाघोटाला था। उन्होंने कहा कि लगभग सौ प्रतिशत नोट वापस आ चुके हैं, पर इसमें कितने नोट हैं जो फटे हुए थे, गीले हो गए थे या गिने नहीं गए, इसका कोई आंकड़ा नहीं है। सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि यह लोग मशीनों से भी नोटों की गिनती नहीं कर पाए।
वहीं भोपाल यात्रा के दौरान कांग्रेस पर लगाए आरोप का जवाब देते हुए कमलनाथ ने अमित शाह पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अमित शाह को अपनी जानकारी सही कर लेनी चाहिए कि मैं किसी कॉरपोरेट घराने से नहीं हूं और न ही मेरा कोई उद्योग चल रहा है। मेरा जीवन तो खुली किताब है। 40 साल के राजनीतिक जीवन में किसी ने मेरे ऊपर उंगली नहीं उठाई है। मैंने चुनाव आयोग में भी सारी बातें लिखित में दी हैं। फिर कैसे कहा जा रहा है कि मैं कॉरपोरेट से संबंधित हूं।
उन्होंने कहा कि पूरी बीजेपी इस समय कर्नाटक में है। वहां पर नेता रोजगार, मेक इन इंडिया या स्किल इंडिया पर बात नहीं कर रहे हैं बल्कि वह बात कर रहे हैं कि कांग्रेस ने अनुसूचित जाति का मुख्यमंत्री नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि भाजपा लोगों का ध्यान भटकाने के लिए मुद्दों को ही बदल रही है।
मध्यप्रदेश का मतदाता ठगा गया है
कमलनाथ ने कहा कि हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं हैं, लेकिन मध्यप्रदेश की जनता की ओर से भाजपा के संगठन और उनके धनबल से हमारा मुकाबला जरूर है, क्योंकि मध्यप्रदेश का मतदाता ठगा गया है। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी किनारे वृक्षारोपण में जो पैसा पानी की तरह बहाया गया उसका दुरूपयोग किया गया। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार की एक व्यवस्था बनाई गई है जिसके तहत उन योजनाओं में पैसा लगाया गया जहां 15 से 20 परसेंट पैसा वापस आ सकता है।
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