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Saturday, August 26, 2023

सरकारी कर्मचारी पर हमला करने के आरोप में भारतीय मूल की मां को हुई 18 हफ्ते की जेल की सजा

 सरकारी कर्मचारी पर हमला करने के आरोप में भारतीय मूल की मां को हुई 18 हफ्ते की जेल की सजा


सिंगापुर में एक भारतीय मूल की 58 साल की शांति कृष्णासामी को जेल की सजा सुनाई है। महिला पर एक सरकारी अधिकारी पर हमला करने का आरोप लगा है। महिला को सरकारी अधिकारी को पीटने के आरोप में 25 अगस्त को 18 हफ्ते की जेल की सजा सुनाई गई है।जिला न्यायाधीश क्रिस्टोफर गोह ने कहा कि शांति को पश्चाताप नहीं है और न ही उन्होंने माफी मांगने की कोशिश की।
भारतीय मूल की मां को हुई 18 हफ्ते की जेल की सजा

HIGHLIGHTSसिंगापुर में एक भारतीय मूल की 58 साल की मां को जेल की सजा
महिला ने सेंट्रल मैनपावर बेस के भर्ती निरीक्षक पर हमला किया।
महिला को सरकारी अधिकारी को पीटने के आरोप में 18 हफ्ते की जेल की सजा

 सिंगापुर में एक भारतीय मूल की 58 साल की मां को जेल की सजा सुनाई गई है। महिला पर एक सरकारी अधिकारी पर हमला करने का आरोप लगा है। महिला का नाम के शांति कृष्णासामी है और उसपर पहले एक लोक सेवक को जानबूझकर चोट पहुंचाने और एक लोक सेवक पर आपराधिक बल का उपयोग करने के आरोप में मुकदमे के बाद दोषी ठहराया गया है।

महिला ने सेंट्रल मैनपावर बेस के भर्ती निरीक्षक पर हमला किया। दरअसल, महिला का बेटा राष्ट्रीय सेवा (एनएस) के लिए रिपोर्ट करने में विफल रहा था और इसी को लेकर अधिकारी महिला के घर गया था। महिला को सरकारी अधिकारी को पीटने के आरोप में 25 अगस्त को 18 हफ्ते की जेल की सजा सुनाई गई है।

Madhumita Shukla Hatyakand: रिहा हुआ अमरमणि त्रिपाठी तो सुसाइड कर लेगी मधुमिता की बहन- भाई का दावामधुमिता शुक्ला के भाई का भी दर्द झलका है, उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के पहले रातों रात उन्हें क्यों रिहा किया जा रहा है. इस मामले में उन्होंने राज्यपाल को पत्र को लिखने की भी बात कही है. उनके मुताबिक यदि अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी बाहर आ जाती हैं तो मधुमिता की बहन राजभवन के सामने जीवन समाप्त कर लेगी. 

जिला न्यायाधीश ने सुनाया फैसला

द स्ट्रेट्स टाइम्स अखबार की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिला न्यायाधीश क्रिस्टोफर गोह जब महिला को सजा सुना रही थी तो उन्हें बीच में कई बार टोका जा रहा था। न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि वह अभियोजन पक्ष से सहमत हैं। लोक सेवकों के खिलाफ किए जा रहे अपराध ठीक नहीं। शरीर पर आए चोटों से पता चला है कि घटना के दौरान पीड़िता को कई बार पकड़ा गया और खींचा गया।
मां ने किया दावा

कई बार रोकने के बावजूद शांति ने अपनी अपमानजनक हरकतें जारी रखीं। शांति को पश्चाताप नहीं है और न ही उन्होंने माफी मांगने की कोशिश की। इसके बजाय उन्होंने निरीक्षकों को चोट पहुंचाना जारी रखा। राज्य अदालतों के रिकॉर्ड के अनुसार, शांति ने अपनी सजा के खिलाफ अपील की है। मां ने दावा किया कि उन्हें अभी भी वह जानकारी नहीं मिली है जो उन्होंने अपने बेटे की भर्ती के बारे में रक्षा मंत्रालय से मांगी थी।

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