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Friday, April 5, 2024

कांग्रेस जारी करेगी घोषणा पत्र, PMLA कानून का खात्मा और 30 लाख सरकारी नौकरी देने का वादा, जानिए क्या-क्या होंगे ऐलान?

 कांग्रेस जारी करेगी घोषणा पत्र, PMLA कानून का खात्मा और 30 लाख सरकारी नौकरी देने का वादा, जानिए क्या-क्या होंगे ऐलान?

कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र न्याय थीम पर बनाया है। पार्टी ने 5 न्याय और 25 गारंटी देने की बात अपने घोषणा पत्र में कही है। इसमें नारी, श्रमिक, किसान, हिस्सेदारी और युवा न्याय थीम है।




 कांग्रेस लोकसभा चुनाव 2024 के लिए आज, शुक्रवार (5 अप्रैल) को अपना घोषणा पत्र जारी करेगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। कांग्रेस ओल्ड पेंशन स्कीम यानी ओपीएस पर चुप रह सकती है। हालांकि पीएमएलए यानी धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 को खत्म करने का वादा किया जा सकता है।

युवाओं को अपने पाले में करने के लिए कांग्रेस केंद्र में खाली पड़े 30 लाख सरकारी पदों को भरने का वादा कर सकती है। वहीं, महिलाओं को 6 हजार रुपए महीना, केंद्र सरकार की नौकरियों में 33 फीसदी आरक्षण भी दिया जा सकता है।

ओबीसी वर्ग को साधने के लिए जाति आधारित जनगणना, पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण की सीमा बढ़ाने का वादा भी हो सकता है। मुस्लिमों को रिझाने के लिए सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की बात भी कही जा सकती है।

ओपीएस के वादे से किया किनारा
हिमाचल, छत्तीसगढ़, राजथान, कर्नाटक समेत अन्य राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने पुरानी पेंशन योजना को एक मजबूत चुनावी मुद्दा बनाया था। इसका उसे फायदा भी हुआ। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में सरकारी कर्मचारियों के लिए ओपीएस के वादे को खारिज कर दिया है।

घोषणापत्र में धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 को खत्म करने का भी वादा किया जाएगा। जिसका दायरा कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने बढ़ाया था और बाद में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने 2015 और 2019 में संशोधनों के माध्यम से इसे मजबूत किया था।

मतदान प्रक्रिया में बदलाव का होगा ऐलान
सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस के घोषणापत्र में स्पष्ट रूप से पेपर बैलेट की वापसी की मांग करने से भी परहेज किया जाएगा। 2018 में पार्टी ने अपने एआईसीसी सत्र में पेपर बैलेट प्रणाली की वापसी की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था। प्रस्ताव में कहा गया था कि ईवीएम के दुरुपयोग को लेकर राजनीतिक दलों और लोगों के बीच आशंकाएं हैं। चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए, चुनाव आयोग को पेपर बैलेट की पुरानी प्रथा पर वापस लौटना चाहिए।

सूत्रों ने कहा कि घोषणापत्र में अभी भी मतदान प्रक्रिया में बदलाव का वादा किया जाएगा। लेकिन जोर वीवीपीएटी पर होगा। वादा यह होगा कि अगर पार्टी सत्ता में आती है, तो यह सुनिश्चित करेगी कि मतदाताओं को वीवीपैट पर्चियों को सत्यापित करने का मौका मिलेगा। पता चला है कि पार्टी यह बताएगी कि मतदाता को मुद्रित वीवीपैट पर्ची की एक प्रति दी जाएगी जिसे सत्यापन के बाद एक बॉक्स में डाला जा सकता है।

पीएम केयर्स फंड और इलेक्टोरल बॉन्ड की होगी जांच
घोषणापत्र में एंजेल टैक्स को हटाने का भी वादा किया जाएगा, जिसे पहली बार यूपीए सरकार ने 2012-13 में लागू किया था। घोषणापत्र पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम की अध्यक्षता वाली समिति ने तैयार किया है। इसमें पीएम केयर्स फंड की जांच और चुनावी बांड योजना की जांच का भी वादा किया जाएगा।

घोषणापत्र में प्रसारण सेवा (विनियमन) विधेयक, 2023 जैसे विवादास्पद कानूनों को वापस लेने और डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम पर फिर से विचार करने का भी वादा किया जाएगा। कांग्रेस जिन कानूनों को निरस्त करने का वादा करेगी उनमें नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, किसान उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम और तीन कानून शामिल हैं जो भाजपा सरकार द्वारा भारतीय दंड संहिता, सीआरपीसी और साक्ष्य अधिनियम को बदलने के लिए बनाए गए थे।

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