iPhone बनाने वाली Foxconn ने जॉब के लिए बदले नियम, पहले शादीशुदा महिलाओं को नहीं दे रही थी नौकरी - KRANTIKARI SAMVAD

Breaking

Post Top Ad

Tuesday, November 19, 2024

iPhone बनाने वाली Foxconn ने जॉब के लिए बदले नियम, पहले शादीशुदा महिलाओं को नहीं दे रही थी नौकरी

 iPhone बनाने वाली Foxconn ने जॉब के लिए बदले नियम, पहले शादीशुदा महिलाओं को नहीं दे रही थी नौकरी


iPhone की मैन्युफैक्चरिंग करने वाली फॉक्सकॉन ने भारत में अपनी असेंबली लाइन में कर्मचारियों की भर्ती करने के नियमों में बदलाव किया है। दरअसल समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने जून में एक रिपोर्ट छापी थी जिसमें दावा किया गया था कि कंपनी शादीशुदा महिलाओं को काम पर नहीं रखती है और उसके वेंडर्स नौकरी के विज्ञापन में भी इस का जिक्र करते हैं। इस पर फॉक्सकॉन की काफी किरकिरी हुई थी।


फॉक्सकॉन ने ज्यादा प्रोडक्शन वाली अवधि के दौरान शादीशुदा महिलाओं को भी काम पर रखा था।

 अमेरिकी टेक दिग्गज एपल के सप्लायर फॉक्सकॉन (Foxconn) ने भारत में iPhone असेंबली कर्मचारियों की भर्ती करने वाले रिक्रूटर्स को कई नए निर्देश दिए हैं। इसके मुताबिक, नौकरी के इश्तिहार में उम्र, लिंग और वैवाहिक मानदंड के साथ मैन्युफैक्चरर का नाम हटाने का आदेश दिया है।

वैश्विक समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने 25 जून को एक रिपोर्ट छापी थी, जिसमें पाया गया था कि फॉक्सकॉन ने अपने भारत वाले iPhone असेंबली प्लांट में विवाहित महिलाओं को नौकरियों से बाहर रखा। हालांकि, इसने ज्यादा प्रोडक्शन वाली अवधि के दौरान इस नियम में ढील दी और शादीशुदा महिलाओं को भी काम पर रखा।

क्या है नौकरी विज्ञापन का पूरा मामलाचेन्नई के पास श्रीपेरंबदूर में iPhone फैक्ट्री में फॉक्सकॉन हजारों महिलाओं को रोजगार देती है। इस असेंबली-लाइन में कंपनी श्रमिकों की भर्ती के लिए थर्ड पार्टी वेंडर्स को आउटसोर्स करती है। ये एजेंट उम्मीदवारों की तलाश करते हैं और उनकी स्क्रीनिंग करते हैं। आखिर में फॉक्सकॉन उनका इंटरव्यू और सेलेक्शन करती है।



जून की कहानी के लिए रॉयटर्स ने जनवरी 2023 और मई 2024 के बीच फॉक्सकॉन के इंडियन हायरिंग वेंडर के पोस्ट के किए नौकरी विज्ञापनों की समीक्षा की। इसमें कहा गया था कि सिर्फ खास आयु की अविवाहित महिलाएं ही स्मार्टफोन असेंबली में जॉब रोल के लिए पात्र हैं, जो Apple और Foxconn की भेदभाव-विरोधी नीतियों का उल्लंघन है।

इस रिपोर्ट के छपने के बाद फॉक्सकॉन की काफी किरकिरी हुई। इसके बाद फॉक्सकॉन एचआर अधिकारियों ने कई भारतीय वेंडर्स को नौकरी के विज्ञापन बदलने के लिए कहा। उन्हें चेतावनी दी गई कि आगे किसी के किसी भी इश्तिहार में वे फॉक्सकॉन के नाम का इस्तेमाल न करें, नहीं तो उनके कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिए जाएंगे। उन्होंने वेंडर्स को मीडिया से बात न करने के लिए भी कहा।

अब वैवाहिक स्थिति का जिक्र नहींरॉयटर्स ने कुछ नए विज्ञापनों की समीक्षा की। लेकिन, इनमें आयु, लिंग या वैवाहिक मानदंडों का कोई जिक्र नहीं था। इसमें सिर्फ फायदे गिनाए गए थे, जैसे कि "वातानुकूलित कार्यस्थल, निःशुल्क परिवहन, कैंटीन सुविधा, निःशुल्क होस्टल और 14,974 रुपये का मासिक वेतन।।" एक वेंडर ग्रोवमैन ग्लोबल ने मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग जॉब के लिए 18 से 32 साल की अविवाहित महिलाओं के लिए 2023 में विज्ञापन दिया था। लेकिन, पिछले महीने के इश्तिहार में ऐसी कोई शर्त नहीं थी।

अमेरिका और चीन के बीच तनाव के चलते एपल चीन के विकल्प के तौर पर भारत में मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां बढ़ा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार फॉक्सकॉन की आईफोन फैक्ट्री और भारत में एपल की व्यापक आपूर्ति श्रृंखला को देश को आर्थिक मूल्य श्रृंखला में आगे बढ़ाने में मदद करने के रूप में देखती है। रॉयटर्स की जून वाली रिपोर्ट के बाद मोदी सरकार और तमिलनाडु सरकार ने फॉक्सकॉन प्लांट में हायरिंग प्रैक्टिस की जांच के आदेश दिए था।

श्रम अधिकारियों ने जुलाई में सुविधा का दौरा किया और कंपनी के अधिकारियों से पूछताछ की। हालांकि, केंद्र या फिर राज्य सरकार ने जांच के निष्कर्षों को सार्वजनिक नहीं किया।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages