बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से पहले मोहम्मद शमी ने घरेलू क्रिकेट में दमदार वापसी की है। लगभग एक साल तक क्रिकेट के मैदान से दूर रहने वाले शमी ने बंगाल की मध्य प्रदेश के खिलाफ जीत में अहम भूमिका निभाई। शमी ने दोनों पारियों में कुल 11 विकेट चटकाए। पहली पारी में शमी ने चार विकेट लिए थे वहीं दूसरी पारी में उन्होंने तीन विकेट लिए।
बंगाल की जीत में चमके मोहम्मद शमी। फाइल फोटोरणजी ट्रॉफी के पांचवें राउंड में बंगाल ने मध्य प्रदेश को 11 रन से हराया दिया। बंगाल की इस जीत में मोहम्मद शमी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शमी ने दोनों पारियों में कुल 7 विकेट लिए। अपने इस दमदार प्रदर्शन से शमी ने भारतीय टीम के दरवाजे पर दस्तक दी है। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से पहले शमी का यह प्रदर्शन सेलेक्टर्स को सोचने पर मजबूर करेगा।
तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी मौजूदा रणजी ट्रॉफी 2024/25 में में सफल वापसी करने के बाद भारतीय टीम में वापसी के दरवाजे खटखटा रहे हैं। लगभग एक साल तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद शमी घरेलू मैदान में वापसी कर रहे इस तेज गेंदबाज को मध्य प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी के पांचवें दौर के मैच के लिए बंगाल की टीम में चुना गया था और उन्होंने फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है।
शमी ने चटकाए 7 विकेटइंदौर में खेले गए मैच में शमी ने बंगाल की 11 रन की जीत में सात विकेट चटकाए। शमी ने पहली पारी में चार विकेट चटकाए और दूसरी पारी में तीन विकेट चटकाए थे। 34 वर्षीय तेज गेंदबाज ने दूसरे प्रयास में रजत पाटीदार, अनुभव अग्रवाल और कुमार कार्तिकेय के विकेट चटकाए। उन्होंने 338 रन के लक्ष्य का बचाव करते हुए 102 रन देकर 3 विकेट हासिल किए।
शाहबाज ने लिए चार विकेट
शुभम शर्मा, वेंकटेश अय्यर और सुभ्रांशु सेनापति के अर्धशतकों के बाद मध्य प्रदेश की टीम मैच जीतने की कोशिश कर रही थी, लेकिन बंगाल के गेंदबाजों ने समय पर विकेट चटकाए। शाहबाज अहमद ने चार विकेट लिए, जबकि रोहित कुमार ने भी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। शमी ने कार्तिकेय को आउट करके मेहमान टीम को 11 रन से जीत दिलाई।
बल्ले से भी किया योगदानशमी ने इससे पहले दूसरी पारी में बल्ले से 37 रन बनाए थे। उन्होंने निचले क्रम में दमदार पारी खेली और बंगाल को 300 के पार पहुंचाने में मदद की। उन्होंने सिर्फ़ 36 गेंदों पर दो चौके और इतने ही छक्के लगाए।
No comments:
Post a Comment