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Thursday, December 26, 2024

नगरीय निकाय चुनाव : 31 दिसंबर तक लग सकती है अचार संहिता, राज्य निर्वाचन आयोग कर सकता है ऐलान

 नगरीय निकाय चुनाव : 31 दिसंबर तक लग सकती है अचार संहिता, राज्य निर्वाचन आयोग कर सकता है ऐलान


छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव के लिए 31 दिसंबर को आचार संहिता लागू हो सकती है। राज्य निर्वाचन आयोग कर सकता है ऐलान।


त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव के लिए 31 दिसंबर को लागू हो सकती है आचार संहिता


 छत्तीसगढ़ में इस बार नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ संपन्न होगी। वहीं आगामी नगरीय निकाय चुनाव के लिए 31 दिसंबर को आचार संहिता लागू हो सकती है। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ऐलान कर सकता है। साथ ही राज्य में निर्वाचन चुनाव का भी ऐलान हो सकता है। राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव की आरक्षण प्रक्रिया 30 दिसंबर तक पूरी होगी। वहीं आरक्षण की प्रक्रिया के बाद कभी भी आचार संहिता लागू हो सकती है।

प्रत्याशियों के खर्चे की सीमा तय

वहीं बुधवार को छत्तीसगढ़ सरकार ने नगर निगम और नगर पालिका परिषद में महापौर पद के प्रत्याशियों के लिए खर्च की सीमा तय कर दी है। राजधानी रायपुर नगर निगम में महापौर पद के उम्मीदवार 25 लाख रुपए खर्च कर सकेंगे। 3 से 5 लाख तक की जनसंख्या वाले नगर निगम में प्रत्याशी के लिए 20 लाख रुपए की सीमा तय की गई है। वहीं 3 लाख से कम जनसंख्या वाले निगम में प्रत्याशी 15 लाख तक खर्च कर सकेंगे।

जीपीएम जिले में 5-5 वार्ड आरक्षित

वहीं बीते दिनों गौरेला- पेंड्रा- मरवाही जिले में नगरीय निकाय चुनावों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो गई है जहां तीनों नगरीय निकायों के 5-5 वार्ड आरक्षित हुए हैं। जिला बनने के बाद जहां पहले पेंड्रा और गौरेला नगर पंचायतों को नगर पालिका में अपग्रेड किया गया है तो वहीं अब पेंड्रा नगर पालिका, गौरेला नगरपालिका के रूप में चुनाव होंगे और मरवाही जो पहले ग्राम पंचायत अब नगर पंचायत के लिए यहां चुनाव होने जा रहे हैं।

चुनाव के लिए तीनों ही नगरीय निकायों में 15-15 वार्ड बनाए गए हैं जिनके लिए आरक्षण प्रक्रिया जिला कलेक्टर लीना मंडावी की मौजूदूगी में सभी दलों के नेताओं और मीडिया के समक्ष आरक्षण की प्रक्रिया खत्म हुई। तीनों निकायों में प्रत्येक में 5 वार्ड आरक्षित घोषित किए गए हैं। इसके बाद सबकी नजर अब निकायों के अध्यक्षों के आरक्षण पर टिकी है जो राज्य स्तर पर होनी है।

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