सोना सस्ता हुआ, चांदी के बढ़े दाम; चेक करें लेटेस्ट प्राइस
अमेरिकी फेडरल रिजर्व (फेड) की बैठक के नतीजों से पहले गोल्ड ट्रेडर्स जोखिम लेने से बचना चाहते हैं। यही वजह है कि बुधवार को सोने के दाम में गिरावट आई। वहीं चांदी तीन दिनों की गिरावट के बाद बुधवार को 500 रुपये बढ़कर 92000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। मंगलवार को यह 91500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
पिछले सत्र में 24 कैरेट का गोल्ड 79,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। सोना (Gold) बुधवार को सस्ता हुआ, वहीं चांदी के दाम में तेजी देखने को मिली। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती के रुख के बीच बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत 200 रुपये गिरकर 79,100 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। पिछले सत्र में 24 कैरेट का गोल्ड 79,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
वहीं, चांदी तीन दिनों की गिरावट के बाद बुधवार को 500 रुपये बढ़कर 92,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। मंगलवार को यह 91,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। पिछले तीन सत्रों में सिल्वर में 5,500 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई थी। मंगलवार को 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 78,900 रुपये प्रति 10 ग्राम के पिछले बंद भाव से 200 रुपये गिरकर 78,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई।
एक्सपर्ट का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (फेड) की बैठक के नतीजों से पहले गोल्ड ट्रेडर्स जोखिम लेने से बचना चाहते हैं। इस बीच, एमसीएक्स पर वायदा कारोबार में फरवरी डिलीवरी वाले सोने के अनुबंध 74 रुपये या 0.1 प्रतिशत बढ़कर 76,945 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहे हैं।

एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा, "सोना एक दायरे में कारोबार कर रहा है, क्योंकि बाजार प्रतिभागी आज रात फेड के रेट कट का इंतजार कर रहे हैं। इसमें 2025 के लिए फेड रिजर्व के नजरिए का पता चलेगा। " एमसीएक्स पर सोना 76,950 रुपये के करीब कारोबार कर रहा है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटीज) सौमिल गांधी का कहना है कि अमेरिकी डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है। अमेरिका में खुदरा बिक्री के आंकड़े उम्मीद से बेहतर आए हैं। इससे गोल्ड पर दबाव बढ़ा है। सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के बेहतर होने का संकेत मिल रहा है। इससे अमेरिकी फेड रिजर्व ब्याज दरों में कटौती का चक्र रोक सकता है। यह फैक्टर सोने के लिए नेगेटिव हो सकता है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में कमोडिटी रिसर्च के विश्लेषक मानव मोदी ने कहा, "अमेरिकी डॉलर में मजबूती, ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में मिलाजुलापन और युद्धविराम अपडेट के दबाव में सोना और चांदी में गिरावट आई।"
एक्सपर्ट के अनुसार, अब निवेशक फेडरल रिजर्व के नतीजों पर फोकस करेंगे। उनकी नजर मीटिंग के बाद फेड चेयरपर्सन जेरोम पॉवेल के कमेंट पर भी रहेगी। अगर फेडरल रिजर्व उम्मीद के उलट ब्याज दरों में आक्रामक कटौती करता है, तो इससे सोने में तेजी देखने को मिल सकती है।
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