टेक कंपनियां Gen Z स्टाफ को लुभाने के लिए नए तरीके अपना रही हैं। वे युवा कर्मचारियों को अपने पालतू जानवरों के साथ समय बिताने और उनकी जिम फीस देने जैसी सुविधा दे रही हैं। कंपनियों का कहना है कि इस तरह के लाभ देने से युवा कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ेगी उनका काम में मन लगेगा और वे कंपनी के साथ लंबे वक्त तक बने रहेंगे।
इस सर्वे में देश भर की 200 से अधिक टेक कंपनियां शामिल थीं।
HIGHLIGHTSकई कंपनियां 'वेलबीइंग डे' तय करती हैं और जॉइनिंग बोनस देती हैं।
कुछ कंपनियों के कैलेंडर में 'ग्रैंडपेरेंट्स डे' और 'जर्नलिंग डे' भी शामिल हैं।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत की टेक कंपनियां अपने ऑफिस में अधिक से अधिक मिलेनियल और Gen Z इम्प्लॉइज को आकर्षित करने के नए और अनोखे तरीके अपना रही हैं। उन्हें असीमित सिक लीव के साथ पालतू जानवरों के साथ समय बिताने जैसी रियायत दी जा रही है। कंपनियां अपने युवा कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए उन्हें अपने दादा-दादी के साथ रहने तक का समय दे रही हैं। रिसर्चर्स 1997 से 2012 के बीच पैदा लोगों के Gen Z रूप में परिभाषित किया जाता है। इन्हें अमूमन जूमर्स भी कहा जाता है।
डेलॉइट इंडिया और नैसकॉम के इंडिया टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री कॉम्पेंसेशन बेंचमार्किंग सर्वे 2024 के अनुसार, कई फर्म "वेलबीइंग डे" तय करती हैं और जॉइनिंग बोनस देती हैं। हालांकि, यह दो साल के क्लॉबैक से जुड़ी होती हैं। इसका मतलब है कि कर्मचारी दो साल से पहले कंपनी नहीं छोड़ सकता है।
कर्मचारियों की प्राथमिकता के साथ तालमेलइस सर्वे में देश भर की 200 से अधिक टेक कंपनियां शामिल थीं। रिपोर्ट में कहा गया है, "जेन जेड यानी युवा पीढ़ी वर्क-लाइफ बैलेंस, मेंटल हेल्थ और प्रोफेशनल ग्रोथ को तवज्जो दे रही है। यही वजह है कि कंपनियां नई पीढ़ी के टैलेंट को आकर्षित करने और अपने साथ बनाए रखने के लिए नजरिए को बदल रही है।'

टेक कंपनियों का मानना है कि इस तरह के लाभ देने से युवा कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ेगी, उनका काम में मन लगेगा और वे कंपनी के साथ लंबे वक्त तक बने रहेंगे। कंपनियां एआई के साथ तालमेल बनाकर कर्मचारियों की आगे बढ़ने में भी मदद कर रही हैं। उनका फोकस ऑर्गनाइजेशन में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना भी है।
कर्मचारियों की वेलबीइंग के लिए खास पहल
कुछ कंपनी ऐसी भी हैं, जो वेलबीइंग बीक मनाती हैं और अपने कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए एक दिन की छुट्टी मिलती है। कंपनी वेलबीइंग इक्विपमेंट खरीदने के लिए कर्मचारियों को सालाना 25,000 रुपये देती है और उनकी जिम मेंबरशिप का खर्च भी उठाती है।
कुछ कंपनियों के कैलेंडर में "लाइव म्यूजिक डे" के अलावा "ग्रैंडपेरेंट्स डे" और "जर्नलिंग डे" भी शामिल हैं, ताकि सभी को काम पर आने के लिए प्रेरित किया जा सके। इस बारे में कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह की पहल से उन्हें तनावमुक्त होने और भरपूर ऊर्जा के साथ काम पर लौटने में मदद मिलती है।"
डेलॉइट इंडिया-नैसकॉम की रिपोर्ट यह भी बताती है कि कैसे युवा टैलेंट पूल को अक्सर अपने काम के घंटे और यहां तक कि बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस करने के लिए लोकेशन चुनने का भी विकल्प दिया जा रहा है।
HIGHLIGHTSकई कंपनियां 'वेलबीइंग डे' तय करती हैं और जॉइनिंग बोनस देती हैं।
कुछ कंपनियों के कैलेंडर में 'ग्रैंडपेरेंट्स डे' और 'जर्नलिंग डे' भी शामिल हैं।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत की टेक कंपनियां अपने ऑफिस में अधिक से अधिक मिलेनियल और Gen Z इम्प्लॉइज को आकर्षित करने के नए और अनोखे तरीके अपना रही हैं। उन्हें असीमित सिक लीव के साथ पालतू जानवरों के साथ समय बिताने जैसी रियायत दी जा रही है। कंपनियां अपने युवा कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए उन्हें अपने दादा-दादी के साथ रहने तक का समय दे रही हैं। रिसर्चर्स 1997 से 2012 के बीच पैदा लोगों के Gen Z रूप में परिभाषित किया जाता है। इन्हें अमूमन जूमर्स भी कहा जाता है।
डेलॉइट इंडिया और नैसकॉम के इंडिया टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री कॉम्पेंसेशन बेंचमार्किंग सर्वे 2024 के अनुसार, कई फर्म "वेलबीइंग डे" तय करती हैं और जॉइनिंग बोनस देती हैं। हालांकि, यह दो साल के क्लॉबैक से जुड़ी होती हैं। इसका मतलब है कि कर्मचारी दो साल से पहले कंपनी नहीं छोड़ सकता है।
कर्मचारियों की प्राथमिकता के साथ तालमेलइस सर्वे में देश भर की 200 से अधिक टेक कंपनियां शामिल थीं। रिपोर्ट में कहा गया है, "जेन जेड यानी युवा पीढ़ी वर्क-लाइफ बैलेंस, मेंटल हेल्थ और प्रोफेशनल ग्रोथ को तवज्जो दे रही है। यही वजह है कि कंपनियां नई पीढ़ी के टैलेंट को आकर्षित करने और अपने साथ बनाए रखने के लिए नजरिए को बदल रही है।'

टेक कंपनियों का मानना है कि इस तरह के लाभ देने से युवा कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ेगी, उनका काम में मन लगेगा और वे कंपनी के साथ लंबे वक्त तक बने रहेंगे। कंपनियां एआई के साथ तालमेल बनाकर कर्मचारियों की आगे बढ़ने में भी मदद कर रही हैं। उनका फोकस ऑर्गनाइजेशन में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना भी है।
कर्मचारियों की वेलबीइंग के लिए खास पहल
कुछ कंपनी ऐसी भी हैं, जो वेलबीइंग बीक मनाती हैं और अपने कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए एक दिन की छुट्टी मिलती है। कंपनी वेलबीइंग इक्विपमेंट खरीदने के लिए कर्मचारियों को सालाना 25,000 रुपये देती है और उनकी जिम मेंबरशिप का खर्च भी उठाती है।
कुछ कंपनियों के कैलेंडर में "लाइव म्यूजिक डे" के अलावा "ग्रैंडपेरेंट्स डे" और "जर्नलिंग डे" भी शामिल हैं, ताकि सभी को काम पर आने के लिए प्रेरित किया जा सके। इस बारे में कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह की पहल से उन्हें तनावमुक्त होने और भरपूर ऊर्जा के साथ काम पर लौटने में मदद मिलती है।"
डेलॉइट इंडिया-नैसकॉम की रिपोर्ट यह भी बताती है कि कैसे युवा टैलेंट पूल को अक्सर अपने काम के घंटे और यहां तक कि बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस करने के लिए लोकेशन चुनने का भी विकल्प दिया जा रहा है।

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