माइक्रोसॉफ्ट का नया प्रोसेसर: सुरक्षा-सोलर, दवा और AI समेत इन क्षेत्रों में लाएगा क्रांतिकारी बदलाव; यह आम लोगों के लिए कब होगा उपलब्‍ध? - KRANTIKARI SAMVAD

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Monday, February 24, 2025

माइक्रोसॉफ्ट का नया प्रोसेसर: सुरक्षा-सोलर, दवा और AI समेत इन क्षेत्रों में लाएगा क्रांतिकारी बदलाव; यह आम लोगों के लिए कब होगा उपलब्‍ध?

 माइक्रोसॉफ्ट का नया प्रोसेसर: सुरक्षा-सोलर, दवा और AI समेत इन क्षेत्रों में लाएगा क्रांतिकारी बदलाव; यह आम लोगों के लिए कब होगा उपलब्‍ध?


माइक्रोसॉफ्ट ने मैजोराना 1 नाम का दुनिया का पहला क्वांटम चिप लॉन्च किया है। माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने इसको लेकर एक बड़ा दावा किया है। यह चिप लाखों क्यूबिट्स तक स्केलेबल है और टेक सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। 20 साल की रिसर्च के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने यह चिप बनाई है। इससे क्वांटम कंप्यूटर काफी तेज हो सकता है।

दुनिया का पहला क्वांटम चिप ' मैजोराना' लॉन्च
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। माइक्रोसॉफ्ट ने दुनिया का पहला क्वांटम चिप ' मैजोराना' जारी किया है। यह पारंपरिक क्वांटम चिप से अलग है। माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने इसको लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा, यह चिप लाखों क्यूबिट्स तक स्केलेबल है और टेक सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। अब आगे आपकोइसके बारे में विस्तार से जानते हैं और देखते हैं इससे कैसे बदलाव देखने को मिलेंगे।


यह एक खास तरह की चीज है, जो Majorana पार्टिकल को कंट्रोल कर सकता है। इसमें क्वांटम कंप्यूटर्स के लिए ज्यादा भरोसेमंद और स्केलेबल 'qubits' तैयार होते हैं।


मैजोराना-1 में ऐसा क्या है जो इसे खास बनाता है?मैजोराना-1 माइक्रोसॉफ्ट का पहला क्वांटम प्रोसेसर है जो टॉपोकंडक्टर जैसी नई सामग्री पर आधारित है। इससे क्वांटम कंप्यूटर काफी तेज हो सकता है। पारंपरिक क्वांटम चिप्स इलेक्ट्रॉन्स पर निर्भर होती हैं, लेकिन मैजोराना 1 नई प्रकार के मेटिरियल और पार्टिक्लस का इस्तेमाल करता है। यह गलतियों की संभावना को कम कर देता है।

आईबीएम गूगल के क्वांटम चिप्स की खासियत?

आईबीएम, गूगल और इंटेल जैसी कंपनियों की क्वांटम चिप्स इलेक्ट्रॉन्स पर आधारित हैं। इन्हें तेज और सही तरीके से काम करने के लिए जटिल त्रुटि सुधार प्रणाली की जरूरत होती है। इनकी स्केलेबिलिटी (बड़े स्तर पर काम करने की क्षमता) मैजोराना-1 के मुकाबले कम है।


क्या आम लोग इसे इस्तेमाल कर पाएंगे?अभी नहीं। यह तकनीक अभी भी अनुसंधान और विकास के चरण में है। माइक्रोसॉफ्ट ने इसे बनाने में 17 साल का समय लगाया है। माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि मैजोराना- 1 कुछ सालों में उपयोगी क्वांटम कंप्यूटर बना सकता है। हालांकि, एनवीडिया के सीईओ के अनुसार, इसे आम लोगों तक पहुंचने में दशकों लगेंगे। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि 'वह अगली क्रांतिकारी तकनीक हैं।

आम लोगों को मैजोराना-1 से क्या मिलेगा लाभ?

पूरी तरह विकसित होने पर असर कई क्षेत्रों में दिखेगा- दवाः नई दवाओं उपचारों की खोज सुपरफास्ट होगी। सोलर पैनलः बैटरियों, सोलर पैनलों और कार्बन कैप्चर टेक्नोलॉजी को अधिक कुशल बनाया जा सकेगा। एआई यह एआई को और ज्यादा प्रभावशाली बनाएगा।

सुरक्षाः यह साइबर सुरक्षा को और मजबूती देगा। विज्ञान और गणितः परमाणु रिसर्च और गणितीय समस्याओं को हल करने में माइक्रोसॉफ्ट की मैजोराना- 1 चिप क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती है।

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