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Tuesday, March 18, 2025

संसद में दिए आश्वासनों को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी', किरेन रिजिजू बोले- अगर ऐसा नहीं हुआ तो...

 संसद में दिए आश्वासनों को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी', किरेन रिजिजू बोले- अगर ऐसा नहीं हुआ तो...


केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद का नियम है कि सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों को तीन महीने में पूरा किया जाना चाहिए। हम संसद में सरकार द्वारा दिए गए सभी आश्वासनों को गंभीरता से लेते हैं। उन्होंने कहा कि यदि आश्वासन पूरे नहीं किए गए तो यह संसदीय लोकतंत्र पर एक धब्बा होगा। संसद में दिए गए आश्वासनों को पूरा करने में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए।

रिजिजू ने कहा कि आश्वासनों को तीन महीने में पूरा किया जाना चाहिए (फोटो: पीटीआई)

 संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को राज्यसभा को आश्वस्त किया कि सरकार संसद के दोनों सदनों में मंत्रियों द्वारा दिए गए सभी आश्वासनों को गंभीरता से लेती है, क्योंकि यह लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है।


राज्यसभा में सवालों का जवाब देते हुए रिजिजू ने कहा, हम संसदीय लोकतंत्र का महत्व समझते हैं। यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि आश्वासन पूरा किया जाए। यदि आश्वासन पूरे नहीं किए गए तो यह संसदीय लोकतंत्र पर एक धब्बा होगा।


आश्वासनों को पूरा करने में ढिलाई नहींरिजिजू ने कहा कि संसद का नियम है कि सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों को तीन महीने में पूरा किया जाना चाहिए। हम संसद में सरकार द्वारा दिए गए सभी आश्वासनों को गंभीरता से लेते हैं। संसद में दिए गए आश्वासनों को पूरा करने में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है।


रिजिजू ने कहा कि उन्होंने हाल ही में सरकार के सभी मंत्रियों को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि आश्वासन समयबद्ध तरीके से पूरे हों। सांसदों द्वारा लिखे गए पत्रों का जवाब भी एक महीने के भीतर दिया जाना चाहिए।


जयराम रमेश ने दिया सुझावसंसदीय कार्य राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने सदन को बताया कि 99 प्रतिशत आश्वासनों का क्रियान्वयन किया जा चुका है। डिजिटल प्लेटफॉर्म ऑनलाइन आश्वासन निगरानी प्रणाली (ओएएमएस) का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसद में मंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासनों पर नजर रखी जाए, निगरानी की जाए और उन्हें पूरा किया जाए।
यह प्रणाली सभी हितधारकों को लंबित आश्वासनों पर कार्रवाई करने के लिए समय पर अलर्ट भेजती है, जिससे समयसीमा का पालन सुनिश्चित होता है। इस बीच कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान एक सदस्य को केवल एक ही पूरक प्रश्न पूछना चाहिए। इस पर राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि वह इस पहलू पर गौर करेंगे।

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