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Sunday, November 2, 2025

'हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटें माओवादी', आत्मसमर्पण करने वाले भूपति की अपने साथियों से अपील

 


'हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटें माओवादी', आत्मसमर्पण करने वाले भूपति की अपने साथियों से अपील


गढ़चिरौली पुलिस के सामने 14 अक्टूबर को आत्मसमर्पण करने वाले शीर्ष माओवादी मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति ने अपने सक्रिय साथियों से अपील की है कि वे हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल हों और आमजन के बीच काम करें।




'हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटें माओवादी', आत्मसमर्पण करने वाले भूपति की अपने साथियों से अपील (सांकेतिक तस्वीर)



पीटीआई, गढ़चिरौली। गढ़चिरौली पुलिस के सामने 14 अक्टूबर को आत्मसमर्पण करने वाले शीर्ष माओवादी मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति ने अपने सक्रिय साथियों से अपील की है कि वे हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल हों और आमजन के बीच काम करें।


वीडियो संदेश में भूपति ने अपने और आत्मसमर्पण करने वाली साथी रूपेश के मोबाइल नंबर भी साझा किए ताकि वे माओवादी जो इस प्रतिबंधित आंदोलन को छोड़ने की इच्छा रखते हैं, वह उनसे संपर्क कर सकें।

माओवादी पोलित ब्यूरो और केंद्रीय समिति के सदस्य, केंद्रीय क्षेत्रीय ब्यूरो के सचिव और सीपीआइ (माओवादी) के प्रवक्ता रहे भूपति ने कहा कि सत्ता और भूमि के लिए सशस्त्र संघर्ष में शामिल साथियों को समझना चाहिए कि उनकी कारगुजारियों ने उन्हें लोगों से दूर कर दिया है और यह विफलता का संकेत है।



उन्होंने कहा- ''सक्रिय माओवादी को हिंसा का मार्ग छोड़कर आत्मसमर्पण करना चाहिए और लोगों के बीच काम करना चाहिए।'' भूपति ने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रतिबंधित संगठन की केंद्रीय समिति ने सशस्त्र संघर्ष को छोड़ने में अनिच्छा दिखाई है।


उन्होंने कहा कि जो लोग उन्हें और अन्य आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को गद्दार कह रहे हैं, वे दुष्प्रचार रहे हैं।

भूपति, जोकि प्रतिबंधित पीपुल्स वॉर ग्रुप के संस्थापक सदस्य हैं, ने 60 कैडरों के साथ आत्मसमर्पण किया था और 54 हथियार सौंपे थे। इनमें सात एके-47 और नौ इन्सास राइफलें भी शामिल थीं। रूपेश ने 17 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में 200 से अधिक कैडरों के साथ आत्मसमर्पण किया था जोकि राज्य के इतिहास में सबसे बड़ा सामूहिक आत्मसमर्पण है।

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