सिर्फ 15 मिनट में थिएटर्स से हट गई थी ये बॉलीवुड फिल्म, 43 साल पहले बॉक्स ऑफिस पर निकली सबसे बड़ी डिजास्टर
43 साल पहले एक अभिनेता ने विनोद खन्ना (Vinod Khanna) की राह चुनकर बतौर हीरो बॉलीवुड में एक फिल्म की, लेकिन इसका हाल ऐसा हो गया था कि मात्र 15 मिनट में ...और पढ़ें

15 मिनट में थिएटर्स से हटाई गई थी फिल्म। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में कई अभिनेताओं ने अपने करियर की शुरुआत खलनायक बनकर की, लेकिन बाद में वे बतौर हीरो ज्यादा चमके। मगर हर अभिनेता की किस्मत एक जैसी नहीं होती। 80 के दशक में एक अभिनेता आए और पहली फिल्म में खलनायक बन गए। बाद में जब उन्होंने बतौर हीरो अपना करियर बनाने का सोचा तो पहली फिल्म ही आखिरी बन गई।
दरअसल, इस अभिनेता की बतौर हीरो वाली पहली फिल्म बॉलीवुड की सबसे बड़ी डिजास्टर बन गई। इस फिल्म को मात्र 15 मिनट के अंदर ही थिएटर्स से हटा दिया गया। जो अभिनेता, खलनायिकी के लिए जाना जाता था और कई फिल्मों को ठुकराया, उसका हीरो बनने का ख्वाब टूट गया। आलम यह था कि उसे फिर से खलनायिकी के रोल के लिए मेकर्स के सामने गिड़गिड़ाना पड़ा।
80s की सबसे बड़ी फ्लॉप रही थी मूवी
बॉलीवुड की सबसे बड़ी फ्लॉप फिल्म रही 1982 में आई जख्मी इंसान (Zakhmee Insaan)। दीपक बलराज विज के निर्देशन में बनी फिल्म में हीरो का रोल शक्ति कपूर (Shakti Kapoor) ने निभाया था। यह उनकी पहली बतौर हीरो फिल्म थी जो फ्लॉप के साथ आखिरी बन गई।
विनोद खन्ना की वजह से बने थे हीरो
पावरफुल ह्यूमंस को दिए इंटरव्यू में शक्ति कपूर ने बताया, "जब विनोद खन्ना नेगेटिव रोल करते थे तो वह मेरे पसंदीदा विलेन थे। वह बहुत हैंडसम थे। मुझे यकीन था कि वह हीरो बनेंगे। वही थे जिन्होंने मुझे फिल्म जख्मी इंसान में हीरो का रोल करने के लिए इंस्पायर किया। मुझे लगा कि मेरा चेहरा भी हीरो जैसा है और मैं भी लीड रोल कर सकता हूं।"
फिल्म की वजह से जख्मी हो गए थे मेकर्स
शक्ति कपूर ने बताया कि 15 मिनट में ही फिल्म को थिएटर्स से हटा दिया गया था। उन्होंने कहा, "फिल्म का नाम जख्मी इंसान था। इसने मुझे, प्रोड्यूसर, डायरेक्टर, डिस्ट्रीब्यूटर और दर्शकों को जख्मी कर दिया। यह 12 बजे स्क्रीन पर लगी और 12:15 बजे हटा दी गई। पंद्रह मिनट में उतर गई। यह इतनी बड़ी हिट थी। उसके बाद मैंने कभी हीरो का रोल करने की हिम्मत नहीं की।"
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