किसानों के आंदोलन से बीजेपी को कितना नुकसान होगा या कांग्रेस को कितना फायदा, इसका आंकड़ा आने में वक्त लगेगा। लेकिन कक्का जी हीरो बन गए, यह पक्का हो गया। अमूमन आंदोलनों की यही कहानी है। जिसके लिए किया जाता है उसे कुछ नहीं मिलता। केजरीवाल ने अन्ना के साथ लोकपाल के लिए आंदोलन किया, लोकपाल का पता नहीं केजरी CM बन गए। रामदेव ने कालेधन केलिए आंदोलन किया, एक महिला की मोत भी हुई। विदेश के कालेधन पर मोदी भी मोन हैं, हाँ देश के कालेधन के नाम पर उखाड़ पछाड़ जरूर हो रही है।
किसानों को अपनी फसल का लाभकारी मूल्य चाहिए, कैसे मिलेगा इस पर न तो सरकार बात कर रही है न किसान नेता। क्युकि किसान हितेषी यह दोनों वर्ग उद्योगपतियों को सिर्फ गली देते हैं ताकि किसान को लगे हमारे पक्छ में कोई बोल रहा है। वास्तव में वह काम नहीं करते जिससे किसानों का भला हो। कृषि की लागत लगातार बढ़ रही है क्युकि खाद बीज सहित सभी वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। यदि इनके दाम दवाओं के मूल्य की तरह नियंत्रित किये जाएँ तो खेती की लागत कम की जा सकती है। पर न तो किसान नेता ऐसी कोई मांग करता है, न सरकार ऐसा करने पर विचार कर रही है।
किसानों को अपनी फसल का लाभकारी मूल्य चाहिए, कैसे मिलेगा इस पर न तो सरकार बात कर रही है न किसान नेता। क्युकि किसान हितेषी यह दोनों वर्ग उद्योगपतियों को सिर्फ गली देते हैं ताकि किसान को लगे हमारे पक्छ में कोई बोल रहा है। वास्तव में वह काम नहीं करते जिससे किसानों का भला हो। कृषि की लागत लगातार बढ़ रही है क्युकि खाद बीज सहित सभी वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। यदि इनके दाम दवाओं के मूल्य की तरह नियंत्रित किये जाएँ तो खेती की लागत कम की जा सकती है। पर न तो किसान नेता ऐसी कोई मांग करता है, न सरकार ऐसा करने पर विचार कर रही है।
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