नई दिल्ली, एजेंसी। तेलंगाना की महिला क्रिकेटर सिंधुजा रेड्डीअमेरिकी क्रिकेट टीम के लिए चुनी गई हैं। जिसे हाल ही में इसे आईसीसी से मान्यता मिली है। सिंधुजा रेड्डी अब अगस्त में स्कॉटलैंड के खिलाफ होने वाले टी-20 विश्व कप क्वालिफायर में अमेरिकी टीम से खेलेंगीं। तेलंगाना में नालगोंडा की रहने वाली विकेटकीपर-बल्लेबाज रेड्डी हैदराबाद के लिए खेल चुकी हैं।
वह हैदराबाद की अंडर-19 टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं। हालांकि उनको राष्ट्रीय टीम से खेलने का मौका नहीं मिला। तेलंगाना सरकार के सूचना विभाग की विज्ञप्ति के अनुसार सिंधुजा अमेरिका की महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर बल्लेबाज होंगीं। बता दें कि यह क्रिकेटर हैदराबाद महिला टीम के लिये राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में खेल चुकी हैं। हाल में सिद्धार्थ रेड्डी के शादी के बाद अमेरिका में बस गईं। वह स्काटलैंड में खेले जाने वाले महिला विश्वकप के सेमीफाइनल मैच में खेलेंगीं। सिंधुजा रेड्डी ने हैदराबाद से अपनी स्कूलिंग पूरी की हैं। अमेरिका जाने से पहले उन्होंने बीटेक और एमबीए की पढ़ाई पूरी कीं। इसके बाद उनकी शादी सिद्धार्थ रेड्डी से हुई और वह अमेरिकी जा रहने लगीं। उन्होंने क्रिकेट लगभग छोड़ ही दिया था, लेकिन थोड़े प्रयास से उनको यह मौका मिल गया।
अमेरिकी टीम में चुने जाने पर रेड्डी के माता-पिता बेहद खुश हैं। उनके पिता स्पर्धर रेड्डी कहते हैं कि बचपन से ही उनका रुझान क्रिकेट की ओर रहा और उन्होंने अपनी स्कूल टीम के लिए क्रिकेट खेली हैं। उनकी मां लक्ष्मी रेड्डी का कहना है कि शादी के बाद भी उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखा और इस मुकाम तक पहुंचीं।
वह हैदराबाद की अंडर-19 टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं। हालांकि उनको राष्ट्रीय टीम से खेलने का मौका नहीं मिला। तेलंगाना सरकार के सूचना विभाग की विज्ञप्ति के अनुसार सिंधुजा अमेरिका की महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर बल्लेबाज होंगीं। बता दें कि यह क्रिकेटर हैदराबाद महिला टीम के लिये राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में खेल चुकी हैं। हाल में सिद्धार्थ रेड्डी के शादी के बाद अमेरिका में बस गईं। वह स्काटलैंड में खेले जाने वाले महिला विश्वकप के सेमीफाइनल मैच में खेलेंगीं। सिंधुजा रेड्डी ने हैदराबाद से अपनी स्कूलिंग पूरी की हैं। अमेरिका जाने से पहले उन्होंने बीटेक और एमबीए की पढ़ाई पूरी कीं। इसके बाद उनकी शादी सिद्धार्थ रेड्डी से हुई और वह अमेरिकी जा रहने लगीं। उन्होंने क्रिकेट लगभग छोड़ ही दिया था, लेकिन थोड़े प्रयास से उनको यह मौका मिल गया।
अमेरिकी टीम में चुने जाने पर रेड्डी के माता-पिता बेहद खुश हैं। उनके पिता स्पर्धर रेड्डी कहते हैं कि बचपन से ही उनका रुझान क्रिकेट की ओर रहा और उन्होंने अपनी स्कूल टीम के लिए क्रिकेट खेली हैं। उनकी मां लक्ष्मी रेड्डी का कहना है कि शादी के बाद भी उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखा और इस मुकाम तक पहुंचीं।
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