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Sunday, July 30, 2017

संघ की शाखा से एकदम ताजा ज्ञान, ऐसे होगा विकास

संघ की शाखाओं से एकदम ताजा ‘ज्ञान’ आया है। आखिरकार एक ‘पहुंचे हुए’  महापुरुष ने हिमालय में ‘गुप्त तपस्या’ कर चालबाज चीन का तोड़ निकाल ही लिया। तप से मिले फल के मुताबिक ‘अब असुरी शक्ति (चीन) को मात देने ‘मंत्र जाप’ ही एकमात्र सहारा बचा है।’ इसके दो फायदे होंगे। एक तो मंत्र की गूंज से चीन-पाकिस्तान की पूरी आबादी भागकर यूगांडा में शरण लेने को मजबूर हो जाएगी। दूसरा विकराल फायदा यह होगा कि भारतीय फौज के पास लगभग खत्म हो चुके गोला-बारूद को खरीदना ही नहीं पड़ेगा। इससे अरबों रुपए की महाबचत होगी वह अलग। बचे हुए पैसों से धार्मिक कार्यों में तेजी आएगी।  

तो बहनों-भाईयों, अगर आप ‘सच्चे’ भारतीय हो। आप देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा रखते हो। आप में देशभक्ति कूट-कूटकर भरी हो। आप चाहते हो कि देश फिर से ‘सपेरों के देश’ वाली गौरवांवित छवि हासिल करें। तो सुबह-शाम, सोते-जागते। सोने से पहले, सोने के बाद। इस सिद्ध मंत्र का जाप अवश्य करें...
‘‘कैलाश, हिमालय और तिब्बत चीन की ‘असुरी शक्ति’ से मुक्त हो’’

मित्रों! काम कठिन है। लेकिन, मुश्किल भी नहीं है। क्या आप नहीं चाहते आपके बच्चे स्कूल में चीनी खिलौनों की जगह ‘बीन बजाती हुई नागिन’ का मुजरा देखे। होम वर्क में गणित-विज्ञान सिखने की जगह नदी-नालों में सांप पकड़ने का अभ्यास करें। कमाने खाने की उम्र में घर परिवार छोड़कर भाग जाए और जो नहीं भाग पाए वो कम से कम 10 बच्चे पैदा करें। अगर..  हां तो जागिए, उठिए। पूरी ताकत से दौड़ लगा दीजिए। देश संकट में है। शुरू हो जाइए। खुद न कर सकें तो बीवी-बच्चों से मंत्र जाप करवाइए। वो भी न कर सकें तो पड़ोस और रिश्तेदारों को समझाइए। देश आपका है जिम्मेदारी भी आपकी ही है।

Note▪इस लेख में प्रकाशित कंटेंट को हमारी टीम ने एडिट नहीं किया है। इसे सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक से डायरेक्ट प्रकाशित कर दिया गया है।

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