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Sunday, December 22, 2024

पुरानी इलेक्ट्रिक और छोटी कार खरीदना होगा महंगा, 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत किया जीएसटी

 पुरानी इलेक्ट्रिक और छोटी कार खरीदना होगा महंगा, 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत किया जीएसटी


आने वाले समय में पंजीकृत विक्रेताओं से पुरानी कार खरीदना महंगा हो जाएगा। इसका कारण यह है कि जीएसटी काउंसिल ने पुरानी छोटी कारों (1200 सीसी क्षमता एवं चार मीटर से कम लंबाई वाली) के साथ पुरानी इलेक्ट्रिक कार की बिक्री पर अब 12 प्रतिशत की जगह 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने का फैसला किया है। हालांकि व्यक्तिगत रूप से कार की खरीद-बिक्री करने पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा।


आने वाले समय में पंजीकृत विक्रेताओं से पुरानी कार खरीदना महंगा हो जाएगा (फोटो- एक्स)


आने वाले समय में पंजीकृत विक्रेताओं से पुरानी कार खरीदना महंगा हो जाएगा। इसका कारण यह है कि जीएसटी काउंसिल ने पुरानी छोटी कारों (1200 सीसी क्षमता एवं चार मीटर से कम लंबाई वाली) के साथ पुरानी इलेक्ट्रिक कार की बिक्री पर अब 12 प्रतिशत की जगह 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने का फैसला किया है।


हालांकि, व्यक्तिगत रूप से कार की खरीद-बिक्री करने पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा। यह जीएसटी पुराने वाहन के कुल मूल्य के बजाय केवल पंजीकृत विक्रेता के मार्जिन पर लगेगा। इसके अलावा, काउंसिल ने तय समय में बकाया या मासिक किस्त (ईएमआइ) का भुगतान करने में विफल रहने पर लगने वाले पीनल चार्ज या दंडात्मक शुल्क पर लगने वाले जीएसटी को हटा दिया है।

जैसलमेर में आयोजित जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस फैसले से कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी। काउंसिल के फैसले के मुताबिक, अब कारमेल मिले हुए मीठे पॉपकार्न पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। बताया गया कि कारमेल मिलाने से इसका स्वाद बदल जाता है, इसलिए इस पॉपकार्न की जीएसटी श्रेणी बदल जाती है।


बाकी के नमकीन पॉपकार्न लेबल के साथ पैक्ड हैं तो उस पर पहले की तरह 12 प्रतिशत व बिना लेबल वाले पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगता रहेगा। वित्त मंत्री ने बताया कि छोटी कंपनियों का पंजीयन आसान बनाने के लिए एक पूरा ब्योरा तैयार किया गया है जिसे काउंसिल ने अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

अन्य प्रमुख फैसले
गरीबों को दिए जाने वाले फोर्टिफायड चावल पर कर 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया गया
विभिन्न प्रकार के इलाज में इस्तेमाल होने वाले जीन थेरेपी को पूरी तरह से जीएसटी मुक्त किया
कमजोर वर्ग को मुफ्त में दिए जाने वाले खाने को पकाने में इस्तेमाल होने वाली चीजों पर पांच प्रतिशत कर ही रहेगा

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