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Tuesday, December 24, 2024

सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता : भारी मात्रा में नक्सल सामग्री बरामद, घने जंगलों के बीच नक्सलियों ने छुपा रखे थे हथियार

 सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता : भारी मात्रा में नक्सल सामग्री बरामद, घने जंगलों के बीच नक्सलियों ने छुपा रखे थे हथियार



बीजापुर के कोमटपल्ली के जंगलों से जवानों ने भारी मात्रा में नक्सल सामग्री बरामद किया है। घने जंगल में पहाड़ों के बीच नक्सलियों ने सामग्री छुपाकर रखा था।


 छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों के जवानों को बड़ी सफलता मिली है। जवानों ने भारी मात्रा में नक्सल सामग्री बरामद किया है। नक्सलियों ने कोमटपल्ली जंगल-पहाड़ में बड़े चट्टानों के बीच हथियार और अन्य सामान छुपा कर रखा था। जिसे सर्चिंग के दौरान जवानों की संयुक्त टीम ने बरामद किया है।

बरामद किए गए सामग्रियों में गैस वेल्डिंग मशीन मय नोजल, आक्सीजन सिलेण्डर, गैस वेल्डिंग में उपयोग आने वाला पावडर- 8 डिब्बा, इन्वर्टर- 1 नग, स्टेबलाईजर 5 नग, स्टील कंटेनर 3 नग, कमर्सियल मोटर 3 नग, ब्लोवर(धौकनी मशीन)- 2 नग, ग्लेण्डर मोटर- 1 नग, वेल्डिंग राड 200 नग, टुकड़ा लोहे का राड छोटा बड़ा 3- 3 नग, खाली मैग्जीन 3 नग, इलेक्ट्रिक स्वीच- 65 नग, रायफल सिलिंग -08 नग और 2 नग पोच शामिल है।

जवानों ने नक्सली मनसूबों पर फेरा पानी

वहीं नारायणपुर जिले के कच्चापाल-टोके के बीच पहाड़ी से 15 आईईडी बरामद किया। सुरक्षा मानको का पालन करते हुए बरामदशुदा आईईडी को नष्ट किया गया। दो दिन पहले इसी जगह पर ब्लास्ट में दो डीआरजी जवान घायल हुए थे।

मिली जानकारी के अनुसार, नारायणपुर में लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में नवीन कैंप कच्चापाल से डीआरजी, बीएसएफ 135 वीं वाहिनी की संयुक्त टीम एंटी नक्सल ऑपरेशन पर ग्राम तोक-मुसेर गए थे। कच्चापाल- तोके क्षेत्र में एरिया सर्चिंग के दौरान तोके पहाड़ी में सुरक्षाबलों ने 15 आईईडी बरामद किया। नक्सलियों ने जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए जाल बिछा रखा था। बीडीएस की टीम ने सावधानी से आईईडी को डिफ्यूज किया। बताया जा रहा है कि, 15 आईईडी लगभग 5-5 किलो की थी। इलाके से विस्फोटक के अवशेष, बिजली तार और अन्य सामान बरामद किया गया।

आईईडी की चपेट में आने से हो सकता था बड़ा नुकसान

उल्लेखनीय है कि, दो दिन पहले इसी जगह पर डीआरजी के दो जवान घायल हो गए थे। जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाए गए आईईडी की चपेट में आने से ग्रामीणों और जानवरों को भी खतरा हो सकता था। बड़ी ही सावधानी से जवानों ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।

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