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Thursday, December 19, 2024

अमेरिका ने पाकिस्तान के मिसाइल कार्यक्रम पर कसा शिकंजा, मदद करने वाली चार संस्थाओं पर लगाया प्रतिबंध

 अमेरिका ने पाकिस्तान के मिसाइल कार्यक्रम पर कसा शिकंजा, मदद करने वाली चार संस्थाओं पर लगाया प्रतिबंध


अमेरिका ने बुधवार को पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में योगदान देने वाली चार संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिया। विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने इस बारे में मीडिया से बात करते हुए कहा कि अमेरिका लगातार पाकिस्तान के कार्यक्रम पर नजर बनाए हुए था और पहले भी चिंता जता चुका है। बयान में आगे कहा गया कि ये संस्थाएं सामूहिक विनाश के हथियारों की प्रसारक हैं।

अमेरिका ने पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में मदद करने वाली चार कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया 

अमेरिका ने बुधवार को पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में योगदान देने वाली चार संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिया। विदेश विभाग के प्रवक्ता, मैथ्यू मिलर ने इस बारे में मीडिया से बात करते हुए कहा कि अमेरिका लगातार पाकिस्तान के कार्यक्रम पर नजर बनाए हुए था और पहले भी चिंता जता चुका है।


अमेरिका ने जारी किया बयान

एक्स पर एक पोस्ट में, मिलर ने कहा कि आज, संयुक्त राज्य अमेरिका चार संस्थाओं को नामित कर रहा है जो पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में योगदान दे रहे हैं। हम अपनी चिंताओं के बारे में स्पष्ट रहे हैं और हम इन मुद्दों पर पाकिस्तान के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ना जारी रखेंगे।


बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान की लंबी दूरी की मिसाइल विकास के निरंतर प्रसार के खतरे के मद्देनजर, संयुक्त राज्य अमेरिका कार्यकारी आदेश (ई.ओ.) 13382 के अनुसार प्रतिबंधों के लिए चार संस्थाओं को नामित कर रहा है, जो सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसारकों और उनके वितरण के साधनों को लक्षित करता है। बयान में आगे कहा गया कि ये संस्थाएं सामूहिक विनाश के हथियारों की प्रसारक हैं।


ट्रंप अवैध आप्रवासियों को निकालने के लिए अमेरिकी सेना का करेंगे इस्तेमाल


नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप देश में रह रहे अवैध आप्रवासियों को निकालने की चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने टाइम को दिए साक्षात्कार में कहा है कि अपने सामूहिक निर्वासन प्रयास के दौरान वह कानून की सीमा में रहते हुए सेना का इस्तेमाल करेंगे।

जब उनसे अमेरिकी कानून के बारे में पूछा गया, जो आम तौर पर घरेलू कानून प्रवर्तन में सेना का उपयोग करने से रोकता है, तो ट्रंप ने कहा कि अवैध आव्रजन एक आक्रमण है, जिसे रोकने की आवश्यकता है।मैं इसे हमारे देश पर आक्रमण मानता हूं। हमारे देश के कानून के अनुसार, जहां तक मुझे जाने की अनुमति होगी हम वहां तक जाएंगे।

रॉयटर ने नवंबर में रिपोर्ट दी थी कि वह निर्वासन के प्रयास के लिए संघीय सरकार से संसाधन प्राप्त और प्रवर्तन के लिए धन प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने की योजना बना रहे हैं। रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों ने मेक्सिको सीमा पर अमेरिकी गश्ती दल की सहायता के लिए नेशनल गार्ड सैनिकों का उपयोग किया है, लेकिन आव्रजन गिरफ्तारियां करने के लिए ऐसा नहीं किया गया है।

ट्रंप ने निर्वासन का इंतजार कर रहे आप्रवासियों के लिए नए डिटेंशन सेंटर के निर्माण से इन्कार नहीं किया, लेकिन कहा कि उनका प्रशासन शिविरों या अन्य साइटों की आवश्यकता को सीमित करते हुए उन्हें जल्दी से निर्वासित करने का लक्ष्य रखेगा। मैं नहीं चाहता कि वे अगले 20 वर्षों तक शिविर में बैठे रहें। मैं उन्हें बाहर करना चाहता हूं और देशों को उन्हें वापस लेना होगा।

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