भारतीय सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों में से एक मंथन (Manthan) लॉस एंजेलिस के अकादमी म्यूजियम में प्रदर्शित होगी। इस फिल्म का निर्देशन दिग्गज फिल्ममेकर श्याम बेनेगल ने किया था। स्मिता पाटिल नसीरुद्दीन शाह अमरीश पुरी जैसे सितारों से सजी यह फिल्म डॉ. वर्गीज कुरियन के दुग्ध सहकारी आंदोलन पर आधारित है। इसका निर्माण लाखों किसानों ने किया था। जानिए इस बारे में।
स्मिता पाटिल की फिल्म मंथन की एकेडमी म्यूजियम में होगी स्क्रीनिंग। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्रामभारतीय सिनेमा में कई ऐसी फिल्में बनीं जिसमें सामाजिक मुद्दों को उठाया गया है। मसाला मूवी से इतर आर्ट सिनेमा की क्लासिक फिल्म 'मंथन' उसी लिस्ट में शुमार है। इसे पिछले साल कान्स फिल्म में प्रदर्शित किया गया था और अब एक बार फिर इस फिल्म को बड़े पर्दे पर देखने का मौका मिलेगा।
दिग्गज निर्देशक श्याम बेनेगल की क्लासिक फिल्म 'मंथन' (Manthan) मार्च 2025 में लॉस एंजेलिस के अकादमी म्यूजियम ऑफ मोशन पिक्चर्स में प्रदर्शित की जाएगी। 'मंथन' को इमोशन इन कलर: अ कलीडोस्कोप ऑफ इंडियन सिनेमा नामक एक स्पेशल सीरीज के तहत प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें भारत की 12 प्रतिष्ठित फिल्मों को शामिल किया गया है।
इस दिन स्क्रीन होगी मंथनशनिवार को गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने एक स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा, "जीसीएमएमएफ (अमूल) के 5 लाख डेयरी किसानों द्वारा निर्मित पुरस्कार विजेता 1976 की फीचर फिल्म मंथन को लॉस एंजेलिस में एकेडमी म्यूजियम ऑफ मोशन पिक्चर्स में 'इमोशन इन कलर: ए केलिडोस्कोप ऑफ इंडियन सिनेमा' के पार्ट के रूप में 10 मार्च 2025 को भारत की 12 प्रतिष्ठित फिल्मों के चयन के लिए चुना गया है।"
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अकादमी म्यूजियम में स्क्रीन होंगी ये 12 फिल्में...
मंथन
मदर इंडिया
दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे
अमर अकबर एंथनी
देवदास
कुमती
मिर्च मसाला
कंचनजंघा
माया दर्पण
इरुवर
इशानोऊ
जोधा अकबर
4K वर्जन में दिखाई जाएगी फिल्मअच्छी बात यह है कि 'मंथन' को 4K क्वालिटी में रीस्टोर किया गया है। GCMMF ने फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन के साथ मिलकर यह काम किया है। यह फाउंडेशन पुरानी फिल्मों को सहेजने का काम करता है। इस 4K वर्जन को पिछले साल कान्स फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया गया था। 'मंथन' कान्स के क्लासिक सेक्शन में चुनी जाने वाली अकेली भारतीय फिल्म थी।
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2-2 रुपये में बनी थी फिल्ममंथन को किसानों की फिल्म कहा जाता है, क्योंकि इसे लाखों किसानों ने मिलकर बनाया था। इस फिल्म को गुजरात के 5 लाख किसानों ने मिलकर 2-2 रुपये देकर बनाया था। इस फिल्म ने साल 1977 में बेस्ट फिल्म और बेस्ट स्क्रीनप्ले के लिए नेशनल अवॉर्ड भी जीता था।
मंथन की स्टार कास्टनसीरुद्दीन शाह
स्मिता पाटिल
गिरीश कर्नाड
अमरीश पुरी
कुलभूषण खरबंदाये फिल्म भारतीय सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों में से एक मानी जाती है और इसमें इन कलाकारों ने अपने अभिनय से जान डाल दी थी।
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