ट्रंप की विदेश नीति में बड़ा उलटफेर! अमेरिका ने 29 देशों से वापस बुलाए अपने राजदूत; क्या है वजह? - KRANTIKARI SAMVAD

Breaking

Post Top Ad

Monday, December 22, 2025

ट्रंप की विदेश नीति में बड़ा उलटफेर! अमेरिका ने 29 देशों से वापस बुलाए अपने राजदूत; क्या है वजह?

 ट्रंप की विदेश नीति में बड़ा उलटफेर! अमेरिका ने 29 देशों से वापस बुलाए अपने राजदूत; क्या है वजह?




अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 29 देशों से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया है। ये राजदूत बाइडन प्रशासन के दौरान नियुक्त क ...और पढ़ें




अमेरिका ने 29 देशों से वापस बुलाए राजदूत (फोटो- PTI)


 अमेरिका राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 30 अनुभवी दूतावासों को उनके पद से हटा दिया है और उन्हें वापस बुला लिया है। जिन राजनयिकों को ट्रंप प्रशासन ने वापस बुलाया है, उनकी नियुक्ति बाइडन प्रशासन के समय हुई थी। ये सभी ट्रंप के दूसरे कार्यक्राल के दौरान भी बने हुए थे।


ट्रंप प्रशासन के इस कदम से विदेश नीति में बड़े बदलाव की तैयारी दिखाई दे रही है। इसलिए अपने राजनयिकों को राजदूत और अन्य वरिष्ठ दूतावास पदों से वापस बुला रहा है, ताकि ऐसे कर्मियों की नियुक्ति की जा सके जो राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट प्राथमिकताओं का पूरी तरह से समर्थन करते हों।


जनवरी में समाप्त होंगी सेवाएं

विदेश विभाग के दो अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले सप्ताह कम से कम 29 देशों में तैनात राजदूतों को सूचित किया गया कि उनकी सेवाएं जनवरी में समाप्त होंगी। इस सभी को बीते बुधवार से वाशिंगटन के अधिकारियों से नोटिस मिलने शुरू हुए थे।


बता दें कि अमेरिकी राजदूत राष्ट्रपति की इच्छा के अनुसार कार्य करते हैं, हालांकि वे आमतौर पर तीन से चार साल तक अपने पद पर बने रहते हैं। नोटिस मिलने वाले इन सभी राजदूतों की ज्वाइनिंग बाइडेन के कार्यकाल के दौरान हुई थी। जिन्हें वापस बुलाने का फैसला लिया गया है। हालांकि फेरबदल से प्रभावित राजदूतों की विदेश सेवा की नौकरियां नहीं छिनेंगी, बल्कि वे चाहें तो अन्य कार्यभारों के लिए वाशिंगटन लौट सकेंगे।

कौन-कौन से देश होंगे प्रभावित?

फिलहाल स्टेट डिपार्टमेंट ने यह नहीं बताया कि कुल कितने राजनयिक प्रभावित होंगे या किन-किन देशों से उन्हें वापस बुलाया जा रहा है। विदेश विभाग ने इसे सिर्फ सामान्य प्रक्रिया बताया है। इस फैसले का सबसे अधिक प्रभाव अफ्रीकी देशों पर पड़ा है। क्योंकि अफ्रीका के 13 देशों- बुरुंडी, कैमरून, केप वर्डे, गैबॉन, आइवरी कोस्ट, मेडागास्कर, मॉरीशस, नाइजर, नाइजीरिया, रवांडा, सेनेगल, सोमालिया और युगांडा से राजदूतों को वापस बुलाया जा रहा है।


एशिया में छह देशों- फिजी, लाओस, मार्शल आइलैंड्स, पापुआ न्यू गिनी, फिलीपींस और वियतनाम में तैनात अमेरिकी राजदूतों को भी बदला जा रहा है। वहीं, यूरोप में आर्मेनिया, नॉर्थ मैसेडोनिया, मोंटेनेग्रो और स्लोवाकिया इस सूची में शामिल हैं। इसके अलावा मध्य पूर्व के दो-दो देश (अल्जीरिया और मिस्र); दक्षिण और मध्य एशिया के दो-दो देश (नेपाल और श्रीलंका); और पश्चिमी गोलार्ध के दो-दो देश (ग्वाटेमाला और सूरीनाम) से भी करियर डिप्लोमैट्स को वापस बुलाया जा रहा है।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages