महाकाल मंदिर जाने पर बुरी फंसीं Nushrratt Bharuccha, मौलाना बोले- 'पाप का करना पड़ेगा प्रायश्चित'
'सोनू के टीटू की स्वीटी' और 'प्यार का पंचनामा' जैसी फिल्मों की एक्ट्रेस नुसरत भरूचा हाल ही में मौलवी शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के निशाने पर आईं। एक्ट्रेस ...और पढ़ें

महाकाल मंदिर जाने पर मौलाना के निशाने पर आईं नुसरत भरूचा/ फोटो- Instagram
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरूचा विवादों में फंसती हुई नजर आ रही हैं। हाल ही में एक्ट्रेस नए साल (New Year 2026)की शुरुआत होने से पहले उज्जैन, मध्यप्रदेश के महाकाल मंदिर में दर्शन करने पहुंची थीं।
उनका महाकाल मंदिर का ये वीडियो धड़ल्ले से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसको लेकर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने आपत्ति जताई है और साथ ही नुसरत भरूचा का वहां जाना 'घोर पाप' बताते हुए उन्हें कड़ी नसीहत भी दे दी है। मौलाना ने नुसरत को नसीहत देते हुए क्या कहा, चलिए आपको बताते हैं:
सुबह की आरती में शामिल हुईं नुसरत भरूचा
समाचार एजेंसी एएनआई ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें नुसरत भरूचा महाकाल में सुबह 4 बजे की भस्म आरती में मग्न नजर आ रही हैं। पूजा खत्म होने के बाद नुसरत को वहां पर पुजारियों ने शॉल से भी सम्मानित किया। मुस्लिम धर्म और धार्मिक सहिष्णुता के कारण नुसरत का महाकाल मंदिर जाना चर्चा का विषय बन चुका है। कुछ लोग उनके हिंदू मंदिर पर जाने को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं।
इतना ही नहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुस्लिम नेता का कहना है कि शरिया कानून के अनुसार एक्ट्रेस का पूजा करना और माथे पर चंदन लगाना 'गंभीर पाप' है। उन्होंने समाचार एजेंसी को इंटरव्यू देते हुए इस बात पर जोर दिया कि ऐसा करना इस्लाम के नियमों के खिलाफ है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने ये भी डिमांड की है कि इसके लिए नुसरत को पश्चाताप करना चाहिए और साथ ही कलमा भी पढ़नी चाहिए।
आपको जहां शांति मिले वहां जाना चाहिए
आपको बता दें कि एक पुराने इंटरव्यू में नुसरत भरूचा ने शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में अपने फेथ और बिलीव्स को लेकर खुलकर बात की थी। उन्होंने कहा था, "जहां भी आपको शांति मिले, चाहे वह मंदिर हो, गुरुद्वारा हो या फिर चर्च हो, वहीं आपको जाना चाहिए। मैं खुलकर ये बात कहती हूं कि मुझे जब भी समय मिलता है तो नमाज अदा करती हूं। मैं दिन में पांच बार नमाज करती हूं। जब मैं ट्रेवल भी करती हूं, तो मैं नमाज की चटाई भी साथ रखती हूं। मैं जहां भी जाती हूं मुझे वही शांति और सुकून मिलता है। मैंने हमेशा विश्वास किया है कि भगवान एक है, बस हम अलग-अलग रास्तों से उनसे कनेक्ट होते हैं और मैं हर मार्ग को जानना चाहती हूं"।
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